महान सम्राट अशोक की जयंति पर आदरांजली 💐 🐘💐🐘💐🐘💐
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दिनांक 20 अप्रैल 2021 को देवानाम् प्रियदर्शी सम्राट अशोक महान की 2325 वाॅ जन्मोत्सव (304 ई.पू.चैत्य बैशाख शुक्ल पक्ष अष्टमी) है।
कलिंग के भीषण युद्ध का सम्राट अशोक के जीवन पर गहरा प्रभाव पडा था। महासंहार के कारण वह पश्चाताप करने लगा। बैचेन हो गया। बहुत दिनों तक पाटलिपुत्र के राजमहल में भी उनके कानों में युद्ध की चीत्कारें और तलवारों की खनखनाहट गूंजती रहती थी। वह राजमहल की अटारी पर सुन्यमनस्क बेठा रहने लगा।
एक दिवस न्यग्रोध नामक एक सामणेर शान्तभाव से अशोक के महल के निकट से गुजर रहा था। उन्हे देखते ही अशोक के मन में उनके प्रति आस्था जागृत हुई और अशोक ने सामणेर न्यग्रोध को अपने पास बुलाया। उचित आसन पर बिठाकर स्वागत सत्कार किया और आदरपूर्वक भोजन कराया। भोजन ग्रहण करने के पश्चात न्यग्रोध सामणेर ने धम्म देशना की। न्यग्रोध सामणेर के अमृत वचन वर्षा के समान शीतलता प्रदान करने वाले थे।













